हे पूज्य मेघ, यदुवंश के श्रेष्ठ व्यक्ति, जिनके वक्ष पर श्रीवत्स का निशान है, उन्हें तुम अत्यंत प्रिय हो और वे भी तुम्हें बहुत प्यार करते हैं। तुम भी हमारी तरह प्रेम से उनके सदा समीप हो और उन्हीं का चिन्तन करते हो। तुम्हारा हृदय भी हमारे हृदयों की तरह बड़ी व्याकुलता से बेचैन हो उठता है और तुम उन्हें बार-बार स्मरण कर आंसुओं की धारा बहाते हो। कृष्ण की संगति ऐसी ही दुखदायी होती है।
O revered cloud, you are undoubtedly very dear to the chief of the Yadavas, who bears the mark of Shrivatsa. You too, like us, are bound by love to Him and think of Him. Your heart, like ours, is anxiously bewildered and when you repeatedly remember Him, you shed a flood of tears. Such is the sorrow that the association of Krishna brings.
तात्पर्य
इस श्लोक को आचार्य निम्न प्रकार से व्याख्या करते हैं: मेघ स्वयं को भगवान कृष्ण का मित्र बताता है जो उन्हें सूर्य की तपन से बचाता है। निःसंदेह, भगवान क ा ऐसा इच्छुक शुभचिंतक निरंतर उनकी भलाई के लिए ध्यान करना चाहिए। हालाँकि, मेघ भगवान कृष्ण के रूप में श्याम रंग का है, लेकिन उनके अनोखे चिह्न जैसे कि श्रीवत्स के निशान उन्हें अपनी ओर आकर्षित करते हैं। लेकिन परिणाम क्या होता है? दुखी: मेघ उदास रहता है और बारिश के बहाने निरंतर आँसू बहाता रहता है। "इसलिए," रानियाँ उन्हें सलाह देती हैं, "कि तुम्हें कृष्ण में इतनी रुचि नहीं लेनी चाहिए।"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥