श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 9: माता यशोदा द्वारा कृष्ण का बाँधा जाना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  10.9.22 
कृष्णस्तु गृहकृत्येषु व्यग्रायां मातरि प्रभु: ।
अद्राक्षीदर्जुनौ पूर्वं गुह्यकौ धनदात्मजौ ॥ २२ ॥
 
 
अनुवाद
जब माँ यशोदा घर के कामों में बेहद व्यस्त थीं तभी प्रभु श्रीकृष्ण ने दो जुड़वाँ पेड़ देखे, जिन्हें यमलार्जुन कहा जाता है। ये पेड़ किसी समय कुबेर के पुत्र थे।
 
When mother Yaśodā was very busy with household chores, Lord Kṛṣṇa saw two twin trees called Yamālūrjunā. These were the divine sons of Kubera in the previous age.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)