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bhagavat 10.89.45: [भगवान कृष्ण बोले]: मैं तुम्हें ब्राह्मण के पुत्र दिखाऊँगा, इसलिए तुम इस तरह से अपने-आपको तुच्छ मत समझो। यही लोग जो अभी हमारी आलोचना कर रहे हैं, कुछ ही समय बाद हमारी निष्कलंक ख्याति स्थापित कर देंगे।   |   bhagavat अध्याय 10.89: कृष्ण तथा अर्जुन द्वारा ब्राह्मण-पुत्रों का   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 89: कृष्ण तथा अर्जुन द्वारा ब्राह्मण-पुत्रों का  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  10.89.45 
दर्शये द्विजसूनूंस्ते मावज्ञात्मानमात्मना ।
ये ते न: कीर्तिं विमलां मनुष्या: स्थापयिष्यन्ति ॥ ४५ ॥
 
 
अनुवाद
[भगवान कृष्ण बोले]: मैं तुम्हें ब्राह्मण के पुत्र दिखाऊँगा, इसलिए तुम इस तरह से अपने-आपको तुच्छ मत समझो। यही लोग जो अभी हमारी आलोचना कर रहे हैं, कुछ ही समय बाद हमारी निष्कलंक ख्याति स्थापित कर देंगे।
 
[Lord Krishna said]: I will show you the son of a brahmana, so do not belittle yourself in this way. These very men, who are criticizing us now, will soon establish our unblemished fame.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)