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bhagavat 10.89.34: इस तरह अर्जुन की बातों से आश्वस्त होकर, शत्रुओं को सताने वाले हे अर्जुन, तुम्हारे पराक्रम की घोषणा सुनकर प्रसन्न हुए ब्राह्मण अपने घर चले गए।   |   bhagavat अध्याय 10.89: कृष्ण तथा अर्जुन द्वारा ब्राह्मण-पुत्रों का   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 89: कृष्ण तथा अर्जुन द्वारा ब्राह्मण-पुत्रों का  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  10.89.34 
एवं विश्रम्भितो विप्र: फाल्गुनेन परन्तप ।
जगाम स्वगृहं प्रीत: पार्थवीर्यं निशामयन् ॥ ३४ ॥
 
 
अनुवाद
इस तरह अर्जुन की बातों से आश्वस्त होकर, शत्रुओं को सताने वाले हे अर्जुन, तुम्हारे पराक्रम की घोषणा सुनकर प्रसन्न हुए ब्राह्मण अपने घर चले गए।
 
Thus assured by Arjuna, O tormentor of enemies, the Brahmana, pleased at hearing the declaration of Arjuna's prowess, went to his home.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)