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bhagavat 10.89.33: हे ब्राह्मण, मेरी उस क्षमता को कम न आँकें जिसका उपयोग मैंने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया था। हे स्वामी, मैं आपके पुत्रों को वापस लाऊंगा, चाहे मुझे इसके लिए मौत से भी युद्ध क्यों न करना पड़े।   |   bhagavat अध्याय 10.89: कृष्ण तथा अर्जुन द्वारा ब्राह्मण-पुत्रों का   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 89: कृष्ण तथा अर्जुन द्वारा ब्राह्मण-पुत्रों का  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  10.89.33 
मावमंस्था मम ब्रह्मन् वीर्यं त्र्यम्बकतोषणम् ।
मृत्युं विजित्य प्रधने आनेष्ये ते प्रजा: प्रभो ॥ ३३ ॥
 
 
अनुवाद
हे ब्राह्मण, मेरी उस क्षमता को कम न आँकें जिसका उपयोग मैंने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया था। हे स्वामी, मैं आपके पुत्रों को वापस लाऊंगा, चाहे मुझे इसके लिए मौत से भी युद्ध क्यों न करना पड़े।
 
O Brahmin, do not underestimate my ability to please even Lord Shiva. O master, I will bring back your sons, even if I have to defeat Kaal himself in battle.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)