Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.89.22: ब्राह्मण ने उस मृत शरीर को ले जाकर राजा उग्रसेन के दरबार के दरवाज़े पर रख दिया। फिर व्याकुल और दीन-हीन भाव से शोक प्रकट करते हुए, वह इस प्रकार बोला। | bhagavat अध्याय 10.89: कृष्ण तथा अर्जुन द्वारा ब्राह्मण-पुत्रों का । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्राह्मण ने उस मृत शरीर को ले जाकर राजा उग्रसेन के दरबार के दरवाज़े पर रख दिया। फिर व्याकुल और दीन-हीन भाव से शोक प्रकट करते हुए, वह इस प्रकार बोला।
The Brahmin took the dead body and placed it at the door of King Ugrasen's court. Then, in a distressed and pitiable mood, he spoke in this manner while mourning.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥