अतीव-कोमलौ तात
चरणौ ते महा-मुनि
इति उक्त्वा विप्र-चरणौ
मर्दयन स्वेना पाणिना
"[भगवान ने ब्राह्मण भृगु से कहा:] 'मेरे प्रिय महोदय, हे महामुनि, आपके चरण वास्तव में बहुत कोमल हैं।' यह कहकर, भगवान विष्णु ने अपने हाथों से ब्राह्मण के चरणों की मालिश करना शुरू कर दिया।"
