बड़े-बड़े देवता, यह न जान पाने के कारण कि वर का निवारण कैसे किया जाये, बस चुप रह सकते हैं। तब भगवान् शिव वैकुण्ठ के तेजस्वी धाम पहुँचे, जो समस्त अंधकार के परे है, जहाँ साक्षात् भगवान् नारायण विराजते हैं। यह धाम उन विरक्तों का गन्तव्य है, जिन्हें शान्ति प्राप्त हो चुकी है और जो अन्य प्राणियों के प्रति हिंसा छोड़ चुके हैं। वहाँ जाकर कोई फिर से लौटकर नहीं आता।
The great gods, not knowing how to resolve the boon, could only remain silent. Lord Shiva reached the illustrious abode of Vaikuntha beyond all darkness, where Lord Narayana himself appears. This abode is the destination of those detached souls who have attained peace and who have given up violence against other creatures. No one goes there and returns.
तात्पर्य
श्रील श्रीधर स्वामी के अनुसार भगवान शिव ने भौतिक जगत के भीतर आध्यात्मिक जगत के एक विशेष चौकीदार, श्वेताद्वीप ग्रह में प्रवेश किया। वहाँ एक सुन्दर सफेद द्वीप जो आकाशीय क्षीर सागर से घिरा हुआ था, भगवान विष्णु अनंत शेष के सर्प शय्या पर लेटे रहते हैं, जो उन्हें देवताओं के लिए सुलभ बनाता है जब उनकी सहायता की आवश्यकता होती है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥