Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.87.49: हे राजन्, इस प्रकार मैंने उस प्रश्न का उत्तर दे दिया है जो आपने मुझसे पूछा था। आपने पूछा था कि मन उस ईश्वर तक कैसे पहुँचता है जिसका वर्णन भौतिक शब्दों से नहीं किया जा सकता और जिसमें कोई भौतिक गुण नहीं है। | bhagavat अध्याय 10.87: साक्षात् वेदों द्वारा स्तुति । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन्, इस प्रकार मैंने उस प्रश्न का उत्तर दे दिया है जो आपने मुझसे पूछा था। आपने पूछा था कि मन उस ईश्वर तक कैसे पहुँचता है जिसका वर्णन भौतिक शब्दों से नहीं किया जा सकता और जिसमें कोई भौतिक गुण नहीं है।
O King, thus have I answered the question which you asked me regarding how the mind reaches the Brahman which is not describable by material words and is devoid of material qualities.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥