Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.86.58: श्री शुकदेव जी ने कहा: अपने प्रभु के इस प्रकार निर्देश पाकर श्रुतदेव ने एकाग्रचित्त भक्ति से श्रीकृष्ण और उनके साथ आये श्रेष्ठ ब्राह्मणों की पूजा की। राजा बहुलाश्व ने भी ऐसा ही किया। इस प्रकार श्रुतदेव और राजा दोनों ही परम दिव्य लक्ष्य को प्राप्त हुए। | bhagavat अध्याय 10.86: अर्जुन द्वारा सुभद्रा-हरण तथा कृष्ण द्वारा अपने भक्तों को आशीर्वाद दिया जाना । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री शुकदेव जी ने कहा: अपने प्रभु के इस प्रकार निर्देश पाकर श्रुतदेव ने एकाग्रचित्त भक्ति से श्रीकृष्ण और उनके साथ आये श्रेष्ठ ब्राह्मणों की पूजा की। राजा बहुलाश्व ने भी ऐसा ही किया। इस प्रकार श्रुतदेव और राजा दोनों ही परम दिव्य लक्ष्य को प्राप्त हुए।
Sri Shukdev said: Having received such orders from his Lord, Shrutdev worshipped Sri Krishna and the best of the Brahmins who had accompanied him with oneness. King Bahulasva also did the same. In this way, both Shrutdev and the king attained the ultimate divine destination.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥