Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.86.37: [शुकदेव गोस्वामी ने आगे कहा:] राजा द्वारा इस प्रकार आमंत्रित किए जाने पर जगत के पालनकर्ता भगवान ने मिथिला के पुरुषों और महिलाओं को सौभाग्य प्रदान करने के लिए कुछ समय वहाँ रुकने की सहमति दी। | bhagavat अध्याय 10.86: अर्जुन द्वारा सुभद्रा-हरण तथा कृष्ण द्वारा अपने भक्तों को आशीर्वाद दिया जाना । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
[शुकदेव गोस्वामी ने आगे कहा:] राजा द्वारा इस प्रकार आमंत्रित किए जाने पर जगत के पालनकर्ता भगवान ने मिथिला के पुरुषों और महिलाओं को सौभाग्य प्रदान करने के लिए कुछ समय वहाँ रुकने की सहमति दी।
[Śukadeva Gosvāmī said]: Being thus invited by the king, the Lord, the preserver of the universe, consented to stay for some time to bestow good fortune on the men and women of Mithilā.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥