हम उन्हें उनकी माँ के दुख को दूर करने के लिए इन स्थान से ले जाना चाहते हैं। फिर, अपने शाप से मुक्त होकर तथा सभी कष्टों से मुक्त होकर, वे स्वर्ग में अपने घर वापस चले जायेंगे।
We wish to take him from this place to relieve the grief of his mother. Then, freed from his curse and relieved from all suffering, he will return to his home in heaven.
तात्पर्य
जैसा कि श्रील प्रभुपाद ने इस काण्ड के दूसरे अध्याय के पाठ 5 और 8 के अपने तात्पर्यों में बताया है, मरीचि के पुत्रों को भगवान ब्रह्मा के विरुद्ध उनके अपराध के लिये दंडित किया गया था, और इसके अतिरिक्त हिरण्यकशिपु ने एक बार उन्हें शाप दिया था कि भविष्य के जीवन में उन्हें उनके अपने पिता के हाथों मार दिया जाएगा। वसुदेव के द्वारा एक-एक करके कंस को उनकी हत्या करने की अनुमति देने से यह अभिशाप पूरा हुआ।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥