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श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 85: कृष्ण द्वारा वसुदेव को उपदेश दिया जाना तथा देवकी-पुत्रों की वापसी  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  10.85.34 
ऋषिरुवाच
एवं सञ्चोदितौ मात्रा राम: कृष्णश्च भारत ।
सुतलं संविविशतुर्योगमायामुपाश्रितौ ॥ ३४ ॥
 
 
अनुवाद
श्री शुकदेव जी ने कहा : हे भारत, माता यशोदा द्वारा इस प्रकार विनती किये जाने पर भगवान श्रीकृष्ण और बलराम जी अपनी योगमाया शक्ति द्वारा सुतल लोक में प्रवेश कर गए।
 
Sukadeva Muni said: O Bharata, upon being thus implored by their mother, Krishna and Balarama used their Yogmaya power and entered the Sutala world.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)