Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.85.29: श्री देवकी ने कहा : हे राम, हे राम, हे अपरंपार परमात्मा, हे कृष्ण, हे सभी योगियों में सर्वश्रेष्ठ, मैं जानती हूँ कि तुम दोनों संपूर्ण ब्रह्मांड के निर्माताओं के परम शासक हो, जो आदि भगवान हैं। | bhagavat अध्याय 10.85: कृष्ण द्वारा वसुदेव को उपदेश दिया जाना तथा देवकी-पुत्रों की वापसी । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रीदेवक्युवाच
राम रामाप्रमेयात्मन् कृष्ण योगेश्वरेश्वर ।
वेदाहं वां विश्वसृजामीश्वरावादिपूरुषौ ॥ २९ ॥
अनुवाद
श्री देवकी ने कहा : हे राम, हे राम, हे अपरंपार परमात्मा, हे कृष्ण, हे सभी योगियों में सर्वश्रेष्ठ, मैं जानती हूँ कि तुम दोनों संपूर्ण ब्रह्मांड के निर्माताओं के परम शासक हो, जो आदि भगवान हैं।
Sri Devaki said: O Rama, O Rama, O immeasurable Supreme Being, O Krishna, O Lord of all Yogeshwaras, I know that both of you are the supreme rulers and original Lords of the creators of the entire universe.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥