न ह्य अन्यो जुषतो जोष्याँ
बुद्धि-भ्रंशो रजो-गुणः
श्री-मदाद अभिजात्यादिर
यत्र स्त्री द्युत आषवः
"भौतिक सुख के सभी आकर्षणों में, धन का आकर्षण खूबसूरत शारीरिक बनावट, एक अभिजात परिवार में जन्म, और शिक्षित होने से भी अधिक है। जब कोई अशिक्षित होता है लेकिन झूठे तौर पर धन के मद में चूर रहता है, तो परिणाम यह होता है कि वह धन को शराब, महिलाओं और जुए में लगा देता है।" (भाग। 10.10.8)
