Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.84.54: पवित्र स्नान पूरा करने के बाद, वसुदेव ने अपनी पत्नियों के साथ मिलकर पेशेवर भजन करने वालों को वे आभूषण और कपड़े दान कर दिए जो वे पहने हुए थे। इसके बाद वसुदेव ने नए कपड़े पहने और फिर सभी वर्णों के लोगों, यहाँ तक कि कुत्तों को भी, भोजन कराकर उनका सम्मान किया। | bhagavat अध्याय 10.84: कुरुक्षेत्र में ऋषियों के उपदेश । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पवित्र स्नान पूरा करने के बाद, वसुदेव ने अपनी पत्नियों के साथ मिलकर पेशेवर भजन करने वालों को वे आभूषण और कपड़े दान कर दिए जो वे पहने हुए थे। इसके बाद वसुदेव ने नए कपड़े पहने और फिर सभी वर्णों के लोगों, यहाँ तक कि कुत्तों को भी, भोजन कराकर उनका सम्मान किया।
After the holy bath was over, Vasudeva gave away to his wives and to the professional bandits the ornaments and clothes they were wearing. Vasudeva then wore new clothes and then honoured people of all castes, even dogs, by feeding them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥