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bhagavat 10.84.43: हे राजन, इस तरह उनसे अनुरोध किए जाने पर, ऋषियों ने पवित्र वसुदेव को कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि पर कठोर धार्मिक नियमों और सर्वोत्तम अनुष्ठानिक व्यवस्थाओं के साथ अग्नि यज्ञ करने में लगा दिया।   |   bhagavat अध्याय 10.84: कुरुक्षेत्र में ऋषियों के उपदेश   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 84: कुरुक्षेत्र में ऋषियों के उपदेश  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  10.84.43 
त एनमृषयो राजन् वृता धर्मेण धार्मिकम् ।
तस्मिन्नयाजयन् क्षेत्रे मखैरुत्तमकल्पकै: ॥ ४३ ॥
 
 
अनुवाद
हे राजन, इस तरह उनसे अनुरोध किए जाने पर, ऋषियों ने पवित्र वसुदेव को कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि पर कठोर धार्मिक नियमों और सर्वोत्तम अनुष्ठानिक व्यवस्थाओं के साथ अग्नि यज्ञ करने में लगा दिया।
 
O King, being thus requested, the sages engaged the holy Vasudeva to perform a fire sacrifice at the sacred spot of Kurukshetra in accordance with the strict religious rules and with the finest ritualistic arrangements.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)