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श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 84: कुरुक्षेत्र में ऋषियों के उपदेश  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  10.84.34 
अथोचुर्मुनयो राजन्नाभाष्यानकदुन्दुभिम् ।
सर्वेषां श‍ृण्वतां राज्ञां तथैवाच्युतरामयो: ॥ ३४ ॥
 
 
अनुवाद
[शुकदेव गोस्वामी ने कहा] : हे राजन, तब मुनियों ने वसुदेव से दोबारा कहा, जहाँ भगवान अच्युत और भगवान राम के साथ ही साथ सभी राजा सुन रहे थे।
 
[Śukadeva Gosvāmī said]: O King, the sages then spoke again, addressing Vasudeva, while Lord Achyuta and Balarama, as well as all the kings, were listening.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)