Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.83.30: तभी शंखों तथा मृदंग, पटह, भेरी और आनक नगाड़ों के साथ ही अन्य वाद्य जोर-जोर से बजने लगे। पुरुष और स्त्रियां नाचने लगे, और गायक गाने लगे। | bhagavat अध्याय 10.83: कृष्ण की रानियों से द्रौपदी की भेंट । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तावन्मृदङ्गपटहा: शङ्खभेर्यानकादय: ।
निनेदुर्नटनर्तक्यो ननृतुर्गायका जगु: ॥ ३० ॥
अनुवाद
तभी शंखों तथा मृदंग, पटह, भेरी और आनक नगाड़ों के साथ ही अन्य वाद्य जोर-जोर से बजने लगे। पुरुष और स्त्रियां नाचने लगे, और गायक गाने लगे।
Then the conches and Mridang, Patah, Bheri and Aanak drums and other instruments started playing loudly. The actors and dancers started dancing and the singers started singing.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥