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bhagavat 10.82.28: [राजाओं ने कहा :] हे भोजराज, आप मनुष्यों में एकमात्र ऐसे हैं जिन्होंने सच्चे अर्थों में श्रेष्ठ जन्म प्राप्त किया है, क्योंकि आप भगवान श्रीकृष्ण को निरंतर देखते हैं, जिन्हें बड़े-बड़े योगी भी मुश्किल से ही देख पाते हैं।   |   bhagavat अध्याय 10.82: वृन्दावनवासियों से कृष्ण तथा बलराम की भेंट   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 82: वृन्दावनवासियों से कृष्ण तथा बलराम की भेंट  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  10.82.28 
अहो भोजपते यूयं जन्मभाजो नृणामिह ।
यत् पश्यथासकृत् कृष्णं दुर्दर्शमपि योगिनाम् ॥ २८ ॥
 
 
अनुवाद
[राजाओं ने कहा :] हे भोजराज, आप मनुष्यों में एकमात्र ऐसे हैं जिन्होंने सच्चे अर्थों में श्रेष्ठ जन्म प्राप्त किया है, क्योंकि आप भगवान श्रीकृष्ण को निरंतर देखते हैं, जिन्हें बड़े-बड़े योगी भी मुश्किल से ही देख पाते हैं।
 
[The kings said]: O King of Bhojas, you are the only one who has truly attained a high birth among human beings, because you constantly see Lord Krishna, who is rarely seen even by the greatest of Yogis.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)