Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.80.6: श्री शुकदेव गोस्वामी जी कहते हैं: भगवान श्रीकृष्ण के एक ब्राह्मण मित्र थे (सुदामा नाम के), जो कि वैदिक ज्ञान में परम विद्वान थे और समस्त इन्द्रिय-भोगों से उदासीन थे। इतना ही नहीं, उनका मन शांत था और उनकी इंद्रियां वश में थीं। | bhagavat अध्याय 10.80: द्वारका में भगवान् श्रीकृष्ण से ब्राह्मण सुदामा की भेंट । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री शुकदेव गोस्वामी जी कहते हैं: भगवान श्रीकृष्ण के एक ब्राह्मण मित्र थे (सुदामा नाम के), जो कि वैदिक ज्ञान में परम विद्वान थे और समस्त इन्द्रिय-भोगों से उदासीन थे। इतना ही नहीं, उनका मन शांत था और उनकी इंद्रियां वश में थीं।
Sukadeva Goswami said: Lord Krishna had a Brahmin friend (named Sudama) who was well versed in Vedic knowledge and was indifferent to all sense-pleasures. Moreover, his mind was tranquil and his senses were controlled.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥