Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.80.43: [भगवान श्री कृष्ण ने आगे कहा]: अपने आध्यात्मिक गुरु के घर में रहते हुए, हमें कई ऐसी अनुभूतियाँ हुई। आध्यात्मिक गुरु की कृपा से ही कोई भी व्यक्ति अपने जीवन के उद्देश्य की पूर्ति कर सकता है और मोक्ष प्राप्त कर सकता है। | bhagavat अध्याय 10.80: द्वारका में भगवान् श्रीकृष्ण से ब्राह्मण सुदामा की भेंट । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
[भगवान श्री कृष्ण ने आगे कहा]: अपने आध्यात्मिक गुरु के घर में रहते हुए, हमें कई ऐसी अनुभूतियाँ हुई। आध्यात्मिक गुरु की कृपा से ही कोई भी व्यक्ति अपने जीवन के उद्देश्य की पूर्ति कर सकता है और मोक्ष प्राप्त कर सकता है।
[Lord Krishna continued]: We had many such experiences while staying in our Guru's house. One can fulfill the purpose of life and attain eternal peace simply by the grace of one's Guru.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥