Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.80.40: सान्दीपनि ने कहा : हे मेरे बच्चो! मेरे लिए तुमने इतना कष्ट सहा है! हर जीव को अपना शरीर सबसे प्यारा होता है, पर तुम मेरे प्रति इतने समर्पित रहे कि तुम्हारे अपने आराम का तो कोई सवाल ही नहीं। | bhagavat अध्याय 10.80: द्वारका में भगवान् श्रीकृष्ण से ब्राह्मण सुदामा की भेंट । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अहो हे पुत्रका यूयमस्मदर्थेऽतिदु:खिता: ।
आत्मा वै प्राणिनां प्रेष्ठस्तमनादृत्य मत्परा: ॥ ४० ॥
अनुवाद
सान्दीपनि ने कहा : हे मेरे बच्चो! मेरे लिए तुमने इतना कष्ट सहा है! हर जीव को अपना शरीर सबसे प्यारा होता है, पर तुम मेरे प्रति इतने समर्पित रहे कि तुम्हारे अपने आराम का तो कोई सवाल ही नहीं।
[Sandipaani said]: My children, you have suffered so much for me. Every living being loves its body very much, but you are so devoted to me that you have not cared at all about your own comfort.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥