Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.80.30: कुछ लोग भगवान् की माया से उत्पन्न भौतिक इच्छाओं को त्यागकर सांसारिक इच्छाओं से अपने मन को स्थिर रखते हुए सांसारिक कर्म करते हैं। वे काम उसी तरह से करते हैं जैसे मैं सामान्य जनों को सिखाने के लिए करता हूँ। | bhagavat अध्याय 10.80: द्वारका में भगवान् श्रीकृष्ण से ब्राह्मण सुदामा की भेंट । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुछ लोग भगवान् की माया से उत्पन्न भौतिक इच्छाओं को त्यागकर सांसारिक इच्छाओं से अपने मन को स्थिर रखते हुए सांसारिक कर्म करते हैं। वे काम उसी तरह से करते हैं जैसे मैं सामान्य जनों को सिखाने के लिए करता हूँ।
Some people abandon all material desires born of the illusory energy of the Lord and perform worldly duties while keeping their mind free from worldly desires. They perform their duties in the same manner as I perform my duties to teach the common people.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥