| श्रीमद् भागवतम » स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ » अध्याय 79: भगवान् बलराम की तीर्थयात्रा » श्लोक 29 |
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| | | | श्लोक 10.79.29  | दिष्टं तदनुमन्वानो रामो द्वारवतीं ययौ ।
उग्रसेनादिभि: प्रीतैर्ज्ञातिभि: समुपागत: ॥ २९ ॥ | | | | | | अनुवाद | | यह निश्चय करके कि युद्ध विधाता का आयोजन है, भगवान बलराम द्वारका लौट आए। वहाँ उग्रसेन तथा अन्य सम्बन्धियों ने उनका स्वागत किया, उन्हें देखकर सभी हर्षित थे। | | | | यह निश्चय करके कि युद्ध विधाता का आयोजन है, भगवान बलराम द्वारका लौट आए। वहाँ उग्रसेन तथा अन्य सम्बन्धियों ने उनका स्वागत किया, उन्हें देखकर सभी हर्षित थे। | | ✨ ai-generated | | |
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