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श्लोक 10.79.22  |
श्रुत्वा द्विजै: कथ्यमानं कुरुपाण्डवसंयुगे ।
सर्वराजन्यनिधनं भारं मेने हृतं भुव: ॥ २२ ॥ |
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| अनुवाद |
| कुछ ब्राह्मणों से भगवान ने सुना कि कुरु और पांडव के युद्ध में शामिल सारे राजा मारे गए। इससे उन्होंने अनुमान लगाया कि अब पृथ्वी का बोझ हल्का हो गया है। |
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| कुछ ब्राह्मणों से भगवान ने सुना कि कुरु और पांडव के युद्ध में शामिल सारे राजा मारे गए। इससे उन्होंने अनुमान लगाया कि अब पृथ्वी का बोझ हल्का हो गया है। |
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