Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.78.33: ईश्वर ने कहा: मैं इस हत्या के प्रायश्चित अवश्य करूँगा क्योंकि मैं साधारण मनुष्यों पर दया दिखाना चाहता हूँ। इसलिए कृपया मुझे बताएँ कि पहले किस अनुष्ठान को करना चाहिए। | bhagavat अध्याय 10.78: दन्तवक्र, विदूरथ तथा रोमहर्षण का वध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ईश्वर ने कहा: मैं इस हत्या के प्रायश्चित अवश्य करूँगा क्योंकि मैं साधारण मनुष्यों पर दया दिखाना चाहता हूँ। इसलिए कृपया मुझे बताएँ कि पहले किस अनुष्ठान को करना चाहिए।
The Lord said: I will definitely do penance for this murder because I want to show compassion towards the common people. So please decide the first ritual that I have to perform.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥