Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.78.31-32: "अनजाने में ही सही, आपने एक ब्राह्मण की हत्या कर दी है। हे योगेश्वर, शास्त्रों के आदेश भी आपको निर्देशित नहीं कर सकते। किन्तु यदि आप अपनी इच्छा से ब्राह्मण के इस वध के लिए बताये गए उपायों का पालन कर लेंगे तो, हे पूरे संसार के शुद्धिकर्ता, साधारण लोग आपके इस उदाहरण से बहुत अधिक लाभ प्राप्त करेंगे।" | bhagavat अध्याय 10.78: दन्तवक्र, विदूरथ तथा रोमहर्षण का वध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
"अनजाने में ही सही, आपने एक ब्राह्मण की हत्या कर दी है। हे योगेश्वर, शास्त्रों के आदेश भी आपको निर्देशित नहीं कर सकते। किन्तु यदि आप अपनी इच्छा से ब्राह्मण के इस वध के लिए बताये गए उपायों का पालन कर लेंगे तो, हे पूरे संसार के शुद्धिकर्ता, साधारण लोग आपके इस उदाहरण से बहुत अधिक लाभ प्राप्त करेंगे।"
“You have unwittingly killed a brahmana. O Yogeshwara, even the injunctions of the scriptures cannot command you. But if you voluntarily perform the purification prescribed for this killing of a brahmana, O purifier of the whole world, the common people will be greatly benefited by your example.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥