श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 78: दन्तवक्र, विदूरथ तथा रोमहर्षण का वध  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  10.78.3 
तं तथायान्तमालोक्य गदामादाय सत्वर: ।
अवप्लुत्य रथात् कृष्ण: सिन्धुं वेलेव प्रत्यधात् ॥ ३ ॥
 
 
अनुवाद
दंतवक्र के पास आते देख भगवान कृष्ण ने तुरंत अपनी गदा उठाई और अपने रथ से कूदकर बढ़ते प्रतिद्वंद्वी को रोक दिया जैसे किनारा समुद्र को रोकता है।
 
Seeing Dantavakra approaching, Lord Krishna immediately took up His mace. He jumped down from His chariot and stopped His advancing opponent, just as a shore stops the ocean.
तात्पर्य
श्रील प्रभुपाद लिखते हैं : "जब कृष्ण दंतवक्र के सामने प्रकट हुए, तो उनकी वीरतापूर्ण यात्रा तुरंत रुक गई, जैसे समुद्र की विशाल उग्र लहरों को समुद्र तट द्वारा रोका जाता है।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)