Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.78.21: भगवान के आगमन पर उन्हें पहचान कर, लंबे समय से यज्ञ-याग में लीन मुनियों ने उचित सम्मान के साथ उनका स्वागत किया। वे खड़े हुए, उनके चरणों में नमन किया और उनकी भक्ति के साथ पूजा की। | bhagavat अध्याय 10.78: दन्तवक्र, विदूरथ तथा रोमहर्षण का वध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगवान के आगमन पर उन्हें पहचान कर, लंबे समय से यज्ञ-याग में लीन मुनियों ने उचित सम्मान के साथ उनका स्वागत किया। वे खड़े हुए, उनके चरणों में नमन किया और उनकी भक्ति के साथ पूजा की।
On recognizing the arrival of the Lord, the sages who had been performing yajnas for a long time welcomed Him in a befitting manner by standing up, saluting and worshipping Him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥