Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.78.11: किन्तु तभी दुःख में डूबे दन्तवक्र का भाई विदूरथ हाथों में तलवार तथा ढाल लिए भारी साँसें लेता हुआ आया। वह भगवान को मार डालना चाहता था। | bhagavat अध्याय 10.78: दन्तवक्र, विदूरथ तथा रोमहर्षण का वध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विदूरथस्तु तद्भ्राता भ्रातृशोकपरिप्लुत: ।
आगच्छदसिचर्माभ्यामुच्छ्वसंस्तज्जिघांसया ॥ ११ ॥
अनुवाद
किन्तु तभी दुःख में डूबे दन्तवक्र का भाई विदूरथ हाथों में तलवार तथा ढाल लिए भारी साँसें लेता हुआ आया। वह भगवान को मार डालना चाहता था।
But then Dantavakra's brother Viduratha came panting in grief at the death of his brother and he was holding a sword and shield in his hands. He wanted to kill the Lord.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥