श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 77: कृष्ण द्वारा शाल्व का वध  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  10.77.9 
वीक्ष्य तत् कदनं स्वानां निरूप्य पुररक्षणम् ।
सौभं च शाल्वराजं च दारुकं प्राह केशव: ॥ ९ ॥
 
 
अनुवाद
[शुकदेव गोस्वामी ने कहा] : द्वारका पहुँचकर, उन्होंने देखा की लोग विनाश के डर से घिरे हुए हैं और श्री सौभ विमान तथा शाल्व को भी देखा, इसलिए केशव ने नगरी की सुरक्षा का प्रबंध किया और फिर दारुक से बोले।
 
[Śukadeva Gosvāmī said] : Upon reaching Dvārakā, he saw how the people were afraid of destruction and also saw Śālva and his Saubha aircraft, so Keshava arranged for the protection of the city and then spoke to Dāruka as follows.
तात्पर्य
भगवान कृष्ण ने श्री बलराम को शहर की रक्षा के लिए एक रणनीतिक स्थिति में रखा, और उन्होंने महलों के अंदर श्री रुक्मिणी और अन्य रानियों के लिए एक विशेष गार्ड भी नियुक्त किया। श्रील विमाननाथ चक्रवर्ती के अनुसार, गुप्त रास्तों से विशेष सैनिकों ने रानियों को द्वारका के अंदर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)