Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.76.9-11: हे भरतश्रेष्ठ, शाल्व ने विशाल सेना के साथ नगर को घेर लिया और बाहरी वाटिकाओं तथा उद्यानों, अट्टालिकाओं समेत महलों, गोपुरों तथा चार दीवारियों के साथ साथ सार्वजनिक मनोरंजन स्थलों को भी ध्वस्त कर दिया। उसने अपने इस उत्कृष्ट यान से पत्थरों, वृक्ष के तनों, वज्रों, सर्पों, ओलों इत्यादि हथियारों की वर्षा की। एक भीषण बवंडर उठ खड़ा हुआ और उसने धूल से सारी दिशाओं को ओझल बना दिया। | bhagavat अध्याय 10.76: शाल्व तथा वृष्णियों के मध्य युद्ध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
निरुध्य सेनया शाल्वो महत्या भरतर्षभ ।
पुरीं बभञ्जोपवनानुद्यानानि च सर्वश: ॥ ९ ॥
सगोपुराणि द्वाराणि प्रासादाट्टालतोलिका: ।
विहारान् स विमानाग्र्यान्निपेतु: शस्त्रवृष्टय: ॥ १० ॥
शिला द्रुमाश्चाशनय: सर्पा आसारशर्करा: ।
प्रचण्डश्चक्रवातोऽभूद् रजसाच्छादिता दिश: ॥ ११ ॥
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ, शाल्व ने विशाल सेना के साथ नगर को घेर लिया और बाहरी वाटिकाओं तथा उद्यानों, अट्टालिकाओं समेत महलों, गोपुरों तथा चार दीवारियों के साथ साथ सार्वजनिक मनोरंजन स्थलों को भी ध्वस्त कर दिया। उसने अपने इस उत्कृष्ट यान से पत्थरों, वृक्ष के तनों, वज्रों, सर्पों, ओलों इत्यादि हथियारों की वर्षा की। एक भीषण बवंडर उठ खड़ा हुआ और उसने धूल से सारी दिशाओं को ओझल बना दिया।
O best of the Bharatas, Śālva surrounded the city with a large army and destroyed the outer gardens and parks, the palaces with their towers, the gopuras and the four walls, as well as the public entertainment places. From this excellent vehicle of his he showered weapons like stones, tree trunks, thunderbolts, serpents, hailstones, etc. A terrible storm arose and obscured all directions with dust.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥