Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.76.29: "मेरे अलावा यदुवंश के जन्मे किसी ने भी युद्ध के मैदान का परित्याग नहीं किया। अब तो मेरी कीर्ति एक सारथी ने धूमिल कर दी है, जो नपुंसक की तरह काम कर रहा है।" | bhagavat अध्याय 10.76: शाल्व तथा वृष्णियों के मध्य युद्ध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न यदूनां कुले जात: श्रूयते रणविच्युत: ।
विना मत्क्लीबचित्तेन सूतेन प्राप्तकिल्बिषात् ॥ २९ ॥
अनुवाद
"मेरे अलावा यदुवंश के जन्मे किसी ने भी युद्ध के मैदान का परित्याग नहीं किया। अब तो मेरी कीर्ति एक सारथी ने धूमिल कर दी है, जो नपुंसक की तरह काम कर रहा है।"
"No one born in the Yadu dynasty except me has ever abandoned the battlefield. Now my reputation has been tarnished by a charioteer who thinks like an impotent."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥