श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 76: शाल्व तथा वृष्णियों के मध्य युद्ध  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  10.76.2 
शिशुपालसख: शाल्वो रुक्‍मिण्युद्वाह आगत: ।
यदुभिर्निर्जित: सङ्ख्ये जरासन्धादयस्तथा ॥ २ ॥
 
 
अनुवाद
शाल्व शिशुपाल का मित्र था। जब वह रुक्मिणी के विवाह में सम्मिलित हुआ था तो यदुवंशी योद्धाओं ने युद्ध में उसे और जरासन्ध और अन्य राजाओं को भी हराया था।
 
शाल्व शिशुपाल का मित्र था। जब वह रुक्मिणी के विवाह में सम्मिलित हुआ था तो यदुवंशी योद्धाओं ने युद्ध में उसे और जरासन्ध और अन्य राजाओं को भी हराया था।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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