Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.76.14-15: रथों के प्रमुख सेनापति जैसे सात्यकि, चारुदेष्ण, साम्ब, अक्रूर और उसके छोटे भाई, साथ ही उनके साथ हार्दिक्य, भानुविन्द, गद, शुक और सारण, कई अन्य प्रमुख धनुर्धारियों के साथ कवच पहनकर और रथों, हाथियों और घोड़ों पर सवार सैनिकों और पैदल सैनिकों की टुकड़ियों से घिरे हुए नगर से बाहर निकल गए। | bhagavat अध्याय 10.76: शाल्व तथा वृष्णियों के मध्य युद्ध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सात्यकिश्चारुदेष्णश्च साम्बोऽक्रूर: सहानुज: ।
हार्दिक्यो भानुविन्दश्च गदश्च शुकसारणौ ॥ १४ ॥
अपरे च महेष्वासा रथयूथपयूथपा: ।
निर्ययुर्दंशिता गुप्ता रथेभाश्वपदातिभि: ॥ १५ ॥
अनुवाद
रथों के प्रमुख सेनापति जैसे सात्यकि, चारुदेष्ण, साम्ब, अक्रूर और उसके छोटे भाई, साथ ही उनके साथ हार्दिक्य, भानुविन्द, गद, शुक और सारण, कई अन्य प्रमुख धनुर्धारियों के साथ कवच पहनकर और रथों, हाथियों और घोड़ों पर सवार सैनिकों और पैदल सैनिकों की टुकड़ियों से घिरे हुए नगर से बाहर निकल गए।
The chief charioteer commanders, namely, Satyaki, Charudeshna, Samba, Akrura and his younger brother, along with Hardyaki, Bhanuvinda, Gad, Suka and Saran, along with several other leading archers, wearing armour and protected by soldiers on chariots, elephants and horses, and troops of foot soldiers, came out of the city.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥