श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 75: दुर्योधन का मानमर्दन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  10.75.11 
चित्रध्वजपताकाग्रैरिभेन्द्रस्यन्दनार्वभि: ।
स्वलङ्कृतैर्भटैर्भूपा निर्ययू रुक्‍ममालिन: ॥ ११ ॥
 
 
अनुवाद
तब सोने के हारों से सुशोभित राजा यमुना नदी की ओर प्रस्थान कर गए। उनके साथ चमकीले झंडे तथा पताकाएँ थीं और साथ में पैदल सैनिक और शाही हाथियों, रथों और घोड़ों पर सवार सुसज्जित सैनिक थे।
 
Then all the kings, wearing gold garlands, started towards the river Yamuna. They had colourful flags and banners with them and were accompanied by infantry and well-equipped soldiers mounted on royal elephants, chariots and horses.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)