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bhagavat 10.73.31: भीमसेन के द्वारा जरासंध का वध कराकर, भगवान केशव ने राजा सहदेव की पूजा स्वीकार की और फिर पृथा के दोनों पुत्रों के साथ वहाँ से विदा हो गए।   |   bhagavat अध्याय 10.73: बन्दी-गृह से छुड़ाये गये राजाओं को कृष्ण द्वारा आशीर्वाद   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 73: बन्दी-गृह से छुड़ाये गये राजाओं को कृष्ण द्वारा आशीर्वाद  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  10.73.31 
जरासन्धं घातयित्वा भीमसेनेन केशव: ।
पार्थाभ्यां संयुत: प्रायात् सहदेवेन पूजित: ॥ ३१ ॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन के द्वारा जरासंध का वध कराकर, भगवान केशव ने राजा सहदेव की पूजा स्वीकार की और फिर पृथा के दोनों पुत्रों के साथ वहाँ से विदा हो गए।
 
After having Jarasandha killed by Bhimasena, Lord Krishna accepted the worship of King Sahadeva and then left with the two sons of Pritha.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)