न त्वया भीरुणा योत्स्ये युधि विक्लवतेजसा ।
मथुरां स्वपुरीं त्यक्त्वा समुद्रं शरणं गत: ॥ ३१ ॥
अनुवाद
“किन्तु मैं तुम्हारे साथ युद्ध नहीं करूँगा हे कृष्ण, क्योंकि तुम कायर हो। मथुरा के युद्ध में तुम्हारी ताकत बीच में ही छूट गयी थी और तुम अपनी राजधानी मथुरा को छोड़कर समुद्र में भाग गये।”
“But O Krishna, I will not fight you, because you are a coward. Your strength left you in the middle of the battle and you fled from your own capital Mathura to take refuge in the sea.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥