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श्लोक 10.71.7  |
ब्रह्मवेषधरो गत्वा तं भिक्षेत वृकोदर: ।
हनिष्यति न सन्देहो द्वैरथे तव सन्निधौ ॥ ७ ॥ |
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| अनुवाद |
| भीम को ब्राह्मण का वेश धारण कर के उसके पास जाना चाहिए और दान माँगना चाहिए। इस प्रकार उसे जरासंध के साथ द्वंद्व युद्ध का मौक़ा मिलेगा और आपकी उपस्थिति में भीम निश्चित रूप से उसे मार डालेगा। |
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| भीम को ब्राह्मण का वेश धारण कर के उसके पास जाना चाहिए और दान माँगना चाहिए। इस प्रकार उसे जरासंध के साथ द्वंद्व युद्ध का मौक़ा मिलेगा और आपकी उपस्थिति में भीम निश्चित रूप से उसे मार डालेगा। |
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