राजमार्ग पर हाथी, घोड़े, रथ और पैदल सैनिकों की भारी भीड़ थी। इसलिए, महिलाएँ अपने घरों की छतों पर चढ़ गईं। वहाँ से उन्होंने भगवान कृष्ण और उनकी रानियों को देखा। शहर की महिलाओं ने भगवान पर फूल बरसाए, मन ही मन उन्हें गले लगाया और मुस्कुराते हुए अपनी हार्दिक खुशी जाहिर की।
The highway was crowded with elephants, horses, chariots and infantry, so the women climbed to the roofs of their houses, from where they saw Krishna and His queens. The women of the city showered flowers upon the Lord, embraced Him in their hearts and expressed their hearty welcome with smiling glances.
तात्पर्य
श्रील श्रीधर स्वामी टिप्पणी करते हैं कि श्रीमतीएं अपने स्नेहिल दृष्टि के माध्यम से प्रभु कृष्ण की यात्रा के आराम के लिए अपनी व्यग्र जिज्ञासा को संप्रेषित करती हैं। दूसरे शब्दों में, अपने आनंद में वो प्रभु की सेवा करने की प्रबल इच्छा रखती हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥