जब अर्जुन ने एक बार फिर भगवान कृष्ण से आलिंगन किया और नकुल व सहदेव ने उन्हें साष्टांग नमन किया, तब श्रीकृष्ण ने ब्राह्मणों और मौजूद बुजुर्गों को प्रणाम किया। इस प्रकार उन्होंने कुरु, सृंजय और कैकय वंशों के सम्मानित सदस्यों का सम्मान किया।
When Arjuna had embraced him again and Nakula and Sahadeva had saluted him, Sri Krishna greeted the brahmanas and the elders present. In this manner he greeted the honourable members of the Kuru, Srinjaya and Kekaya clans.
तात्पर्य
श्रील श्रीधर स्वामी जी ने उल्लेख किया है कि चूँकि अर्जुन भगवान कृष्ण के सामाजिक रूप से बराबर माने जाते थे, इसलिए जब अर्जुन ने उनके सामने झुकने का प्रयास किया, तो भगवान कृष्ण ने अर्जुन को अपनी बाहों में जकड़ लिया ताकि वह केवल उन्हें गले लगा सकें। हालाँकि, जुड़वाँ, छोटे चचेरे भाई होने के कारण, झुके और भगवान कृष्ण के पैर पकड़े।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥