प्रभु अच्युत की सती-साध्वी पत्नियाँ अपनी संतानों सहित, सोने की पालकियों में प्रभु के पीछे-पीछे चल रही थीं, जिन्हें बलशाली पुरुष उठाए हुए थे। रानियों ने सुंदर वस्त्र, आभूषण, सुगंधित तेल और फूलों की मालाएँ धारण की हुई थीं और चारों ओर से सैनिक तलवारें और ढालें हाथ में लिए हुए घेरे हुए थे।
The chaste and virtuous wives of Lord Achyuta, along with their children, followed the Lord in golden palanquins carried by powerful men. The queens were adorned with beautiful clothes, ornaments, fragrant oils and flower garlands and were surrounded on all sides by soldiers carrying swords and shields in their hands.
तात्पर्य
श्रीधर स्वामी के अनुसार, वाजी शब्द इस बात की ओर इशारा करता है कि भगवान कृष्ण की कुछ रानियों को घोड़ों से चलने वाले वाहनों में ले जाया जाता था।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥