शुकदेव गोस्वामी ने कहा: हे राजन, देवर्षि नारद, वरिष्ठ यादव और भगवान कृष्ण - सभी ने उद्धव के प्रस्ताव का स्वागत किया क्योंकि यह पूरी तरह से शुभ और अचूक था।
Sukadeva Goswami said: O King, the sage Devarshi Narada, the elder Yadavas and Krishna - all welcomed Uddhava's proposal as it was completely auspicious and infallible.
तात्पर्य
श्रील श्रीधर स्वामी ने समझाया कि शब्द 'अच्युतम्' यह दर्शाता है कि उद्धव का प्रस्ताव "तार्किक तर्क से पुष्ट" था। इसके अतिरिक्त, शुकदेव गोस्वामी ने विशेष रूप से 'यदु-वृद्ध:' शब्द से संकेत दिया है कि केवल वरिष्ठ सदस्यों ने ही प्रस्ताव का स्वागत किया था, जूनियर सदस्यों ने नहीं। अनिरुद्ध जैसे युवा राकुमार उद्धव का प्रस्ताव पसंद नहीं करते थे, क्योंकि वे जरासंध की सेना से तुरंत लड़ने के लिए उत्सुक थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥