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अध्याय 70: भगवान् कृष्ण की दैनिक चर्या
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श्लोक 42
श्लोक
10.70.42
तस्मिन् देव क्रतुवरे भवन्तं वै सुरादय: ।
दिदृक्षव: समेष्यन्ति राजानश्च यशस्विन: ॥ ४२ ॥
अनुवाद
हे प्रभु, आपको देखने को उत्सुक सभी श्रेष्ठ देवता और यशस्वी राजा उस सर्वश्रेष्ठ यज्ञ में आएँगे।
हे प्रभु, आपको देखने को उत्सुक सभी श्रेष्ठ देवता और यशस्वी राजा उस सर्वश्रेष्ठ यज्ञ में आएँगे।
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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