| श्रीमद् भागवतम » स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ » अध्याय 70: भगवान् कृष्ण की दैनिक चर्या » श्लोक 20 |
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| | | | श्लोक 10.70.20  | मृदङ्गवीणामुरजवेणुतालदरस्वनै: ।
ननृतुर्जगुस्तुष्टुवुश्च सूतमागधवन्दिन: ॥ २० ॥ | | | | | | अनुवाद | | ये अभिनयकर्ता मृदंग, वीणा, मुरज, वंशी, मंजीरा और शंख के संगीत के साथ नाचते और गाते थे, जबकि पेशेवर कवि, मागध और वंदिजन भगवान् की महिमा का गुणगान करते थे। | | | | ये अभिनयकर्ता मृदंग, वीणा, मुरज, वंशी, मंजीरा और शंख के संगीत के साथ नाचते और गाते थे, जबकि पेशेवर कवि, मागध और वंदिजन भगवान् की महिमा का गुणगान करते थे। | | ✨ ai-generated | | |
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