वयांस्यरोरुवन्कृष्णं बोधयन्तीव वन्दिन: ।
गायत्स्वलिष्वनिद्राणि मन्दारवनवायुभि: ॥ २ ॥
अनुवाद
पारिजात उद्यान से बहकर आई सुगंधित वायु के कारण भौंरों की गुनगुनाहट से पक्षी नींद से जाग उठे। और जब ये पक्षी जोर-जोर से चहचहाने लगे तभी उनकी आवाज ने भगवान कृष्ण को जगा दिया, मानो दरबारी कवि उनके गुणों का गुणगान कर रहे हों।
The humming of the bumblebees caused by the fragrant air coming from the Parijata garden woke the birds from their sleep. And when these birds started chirping loudly, they woke up Lord Krishna as if the court poets were singing His praises.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥