इस बार नारदजी ने देखा कि भगवान श्रीकृष्ण अपने छोटे-छोटे बच्चों को प्यार करने वाले पिता की तरह लाड़-प्यार कर रहे थे। वहाँ से वे दूसरे महल में गए जहाँ उन्होंने देखा कि भगवान श्रीकृष्ण स्नान करने की तैयारी कर रहे हैं।
This time Naradji saw that Lord Krishna was caressing his little children like a loving father. From there he went to another palace and saw that Lord Krishna was getting ready to take a bath.
तात्पर्य
यह अनुवाद श्रील प्रभुपाद की कृति कृष्णा, परमात्मा से लिया गया है।
श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती कहते हैं कि नारद ने जिन भी निवासों में प्रवेश किया वहां भगवान कृष्ण की पूजा की जाती थी और उनका आदर किया जाता था।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥