Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.68.7: उसे पकड़ने के दृढ़ संकल्प के साथ क्रोधित कर्ण आदि धनुर्धरों ने सांब को जोर-जोर से कहा, "ठहरो और युद्ध करो, ठहरो और युद्ध करो।" वे उसके पास आए और उस पर बाणों की वर्षा करने लगे। | bhagavat अध्याय 10.68: साम्ब का विवाह । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तं ते जिघृक्षव: क्रुद्धास्तिष्ठ तिष्ठेति भाषिण: ।
आसाद्य धन्विनो बाणै: कर्णाग्रण्य: समाकिरन् ॥ ७ ॥
अनुवाद
उसे पकड़ने के दृढ़ संकल्प के साथ क्रोधित कर्ण आदि धनुर्धरों ने सांब को जोर-जोर से कहा, "ठहरो और युद्ध करो, ठहरो और युद्ध करो।" वे उसके पास आए और उस पर बाणों की वर्षा करने लगे।
Determined to capture him, the furious archers like Karna and others shouted loudly at Samba, “Stop and fight, stop and fight.” They came near him and showered arrows upon him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥