Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.68.45: आप अकेले जगत के सृजन, पालन और संहार के कारण हैं और आपके अलावा कोई अन्य कारण नहीं है। वास्तव में, हे प्रभु, विद्वानों का कहना है कि जब आप अपनी लीलाएँ करते हैं तो सारे संसार आपके खिलौने समान हो जाते हैं। | bhagavat अध्याय 10.68: साम्ब का विवाह । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आप अकेले जगत के सृजन, पालन और संहार के कारण हैं और आपके अलावा कोई अन्य कारण नहीं है। वास्तव में, हे प्रभु, विद्वानों का कहना है कि जब आप अपनी लीलाएँ करते हैं तो सारे संसार आपके खिलौने समान हो जाते हैं।
You alone create, maintain and destroy the universe and You have no prior cause. Indeed, O Lord, the learned say that when You perform Your pastimes, the entire universe is like Your plaything.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥